
आज भारत में महंगाई आसमान छू रही है । महंगाई नाम का घोड़ा रुक ही नहीं रहा है। इस महंगाई के जमाने में लोग अपने पैसे को बचाना और उसे बढ़ाने की सोचते हैं । इसलिए लोग पैसे निवेश करते हैं , लेकिन पैसे को सही जगह निवेश करना भी बहुत जरूरी है । ताकि भविष्य में आपको अच्छा लाभ मिले । निवेश के लिए ज्यादातर लोग शेयर मार्केट को चुनते हैं।
शेयर मार्केट को कोई लोग अमीर बनने का अलादीन का चिराग मानते हैं । तो कोई इसे एक जुआ मानते है, जिसका नसीब में होता है वही अमीर बनता है।
लेकिन शेयर मार्केट क्या है, इसके बारे में बहुत लोगों को पता नहीं है। यह काम कैसे करता है ? जो लोग इसे जुआ समझते हैं, और जो लोग शेयर मार्केट को जानना चाहते हैं, और निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह आर्टिकल ।
तो चलिए शुरू करते हैं कि शेयर मार्केट क्या है ?
शेयर मार्केट एक ऐसा बाजार है जहॉ बड़ी-बड़ी रजिस्टर्ड कंपनीयों के शेयर खरीदे और बेचे जा सकते हैं।जब भी आप किसी कंपनी का शेयर खरीदते हैं , तो आप उस कंपनी में जितने के शेयर खरीदते हैं , उतने के हिस्सेदार बन जाते हैं । मतलब आप कंपनी के कुछ प्रतिशत मालिक बन जाते हैं ।
अगर कंपनी भविष्य में आगे प्रॉफिट कमाती है, तो आपके खरीदे गए शेयर का भी प्राइस बढ़ जाता है और आपको प्रॉफिट होता है । लेकिन अगर कंपनी घाटे में चली जाती है तो आपका शेयर का प्राइस भी घट जाता है और आपको नुकसान उठाना पड़ता है।
शेयर मार्केट का इतिहास बहुत पुराना हैं करीब 400 साल पुराना । इसकी शुरुआत 1602 में नीदरलैंड्स की डच ईस्ट इंडिया कंपनी (Dutch East India Company) द्वारा हुई थी।

उस समय व्यापार करने के लिए समुंदर से जहाजों को दूर दूर जाना पड़ता था इसमें बहुत ज्यादा खर्चा हो जाता था और कोई एक आदमी इतना पैसा अकेले खर्च नहीं कर पाता था । अगर कोई आदमी खर्च कर भी लेता, तो कभी कभी समुंदर में जहाज डूब जाता था या फिर लुटेरे लुट लेते थे । इसी प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए कंपनी ने क्या किया , आम लोगों से जहाजों पर पैसा लगाने के लिए कहा और उन्हें हिस्सेदारी दी । जो जहाज सही सलामत वापस आता ,उस जहाज पर पैसा लागाने वाले को , जितना पैसा लगाया था उसके ऊपर कुछ प्रतिशत प्रॉफिट दिया जाता था। लेकिन अगर जहाज डूबा या लुटेरों ने लुटा तो लोगों का पैसा भी चला जाता था । यह तकनीक बहुत सफल रहा और उसी तकनीक से ही आज का शेयर मार्केट शुरू हुआ ।
शेयर मार्केट दो प्रकार के होते है , प्राइमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट l
आईए जानते है प्राइमरी और सेकेंडरी मार्केट क्या है।
जब कोई नई कंपनी अपनी शेयर आम जनता को बेचने के लिए मार्केट पर लाती हैं तो उसे IPO (Initial Public Offering कहते हैं। जहॉ कंपनी खुद अपने शेयर का प्राइस चुनती है । यह काम प्राइमरी मार्केट में होता है।

सेकेंडरी मार्केट में कंपनी के हाथ में शेयर का प्राइस नहीं रहता , मार्केट की डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करके प्राइस ऊपर नीचे होता रहता है।
भारत में दो बड़े स्टॉक एक्सचेंज मौजूद हैं। BSE बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और NSE नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ।पूरे बाजार को आसानी से समझने के लिए दो इंडेक्स बनाए गए हैं, जिनमें बड़ी बड़ी कंपनीयों के शेयर्स का परफॉर्मेंस देखता है। इन दोनों इंडेक्स को देख कर बता सकते है मार्केट ऊपर जाएगा या नीचे जाएगा ।
BSE के बाजार को देखने के लिए सेंसेक्स है , जिसमें 30 बड़ी कंपनीयां शामिल हैं।NSE के बाजार को देखने के लिए, निफ्टी है , जिसमें 50 बड़ी कंपनीयां शामिल हैं।

अगर सेंसेक्स और निफ्टी ऊपर जा रहे हैं, तो देश की बड़ी बड़ी कंपनीयां ऊपर जा रही हैं ।
शेयर मार्केट में किसी के साथ कभी धोखा भी हो सकता है, इसीलिए भारत सरकार ने इनकी देख रेख करने के लिए SEBI (Securities and Exchange Board of India) का गठन किया।
शेयर मार्केट से आप इन्वेस्टिंग और ट्रेडिंग से पैसा कमा सकते हो ।
आज के युग में शेयर मार्केट में पैसा लगाना बहुत आसान हो गया है। इसके लिए बस आपके पास एक बैंक अकाउंट और एक डीमैट अकाउंट होना चाहिए,

जो कि आप किसी भी ट्रेडिंग मोबाइल ऐप से बना सकते हैं।
बिना सीखे , बिना सोचे किसी की बातों में आकर शेयर मार्केट में पैसा लगाना जुआ ही है। पैसा लगाने से पहले कंपनी कैसी है , उसका परफॉर्मेंस कैसी है यह देखना बहुत जरूरी है।
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