सरकार ने जब UPS Unified Pension Scheme को अप्रूवल दिया था, तब पूरे देश के कर्मचारियों के मन में एक ही सवाल था – क्या यह नया UPS पुराने NPS से बेहतर है? अगर आपके भी मन में यह सवाल आया है तो यह आर्टिकल आपके लिए है।

इस आर्टिकल में हम आसान भाषा में आपको समझाने की कोशिश करेंगे कि दोनों स्कीम्स कैसे काम करती हैं , और आपके रिटायरमेंट के लिए कौन सी बेस्ट होगी, वह भी बिना किसी कॉम्प्लिकेटेड कैलकुलेशन के ।
NPS एक इन्वेस्टमेंट स्कीम है। इसमें आपके पैसे गवर्मेंट बॉन्ड्स और ईक्विटी में इन्वेस्ट होते हैं। आपको रिटायरमेंट के टाइम कितना पैसा मिलेगा, यह मार्केट के ऊपर डिपेंड करता है। अगर आपके रिटायरमेंट के समय मार्केट हाई रहेगा तो आपको ज्यादा पैसा मिलेगा, अगर मार्केट डाउन रहेगा तो आपको कम पैसा मिलेगा । यह पूरी तरह मार्केट के ऊपर डिपेंड करेगा।
NPS में कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और DA का 10% कंट्रीब्यूट करता है, और सरकार की तरफ से 14 % का योगदान होता है।
UPS Unified Pension Scheme में आपको गारंटीड पेंशन मिलेगी । अगर आपने 25 साल तक नौकरी की है , तो रिटायरमेंट से पहले के 12 महीनों में आपको जो बेसिक सैलरी मिल रही थी, उस बेसिक पे का पूरा 50% आपको फिक्स पेंशन मिलेगी । इसमें भी कर्मचारी अपनी बेसिक और DA का 10% योगदान करेगा, लेकिन इसमें सरकार का योगदान NPS के 14% से बढ़ाकर 18.5% हो जाएगा ।UPS में हर साल महंगाई के हिसाब से पेंशन भी बढ़ेगी । जैसा OPS में होता था। साथ ही इसमें 60% फैमिली पेंशन का भी प्रावधान है।

NPS में क्या होता है की आप 60% पैसा एक साथ निकाल सकते हैं और वह टैक्स फ्री होगा, और बचा हुआ 40 % पैसा आपको हर महीने पेंशन के रूप में मिलेगा ।
UPS में आपको रिटायरमेंट के समय अलग से लम्पसम पैसा मिलेगा । इस लम्पसम से आपको जो 50% पेंशन मिलने वाली थी, उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा ।
NPS में अगर आपकी सर्विस कम साल की होगी, तो आपका पैसा ज्यादा योगदान नहीं होता है, जिससे आपका फंड छोटा होता है और आपको पैसा कम मिलेगा ।
लेकिन UPS में अगर किसी ने कम से कम 10 साल भी सरकारी नौकरी की है, तो उसे कम से कम ₹10000 हर महीने पेंशन मिलेगी । यह उन लोगों के लिए बहुत बढ़िया होता है जो लेट से नौकरी जॉइन करते हैं।

सरकार ने NPS सब्सक्राइबर्स को UPS में आने के लिए मौका दिया है। लेकिन ध्यान रहे, अगर आप एक बार NPS से UPS में कन्वर्ट करते हैं, तो आपको UPS में ही रहना पड़ेगा और आगे कभी इसे बदल नहीं सकेंगे । इसलिए आपको सोच-समझकर फैसला लेना होगा ।
जो लोग किसी भी तरह का मार्केट रिस्क लेना नहीं चाहते और चाहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद एक फिक्स इनकम बैंक अकाउंट में हर महीने आती रहे, उन लोगों के लिए UPS बहुत ही अच्छी है।
और जो कर्मचारी मार्केट के उतार-चढ़ाव से नहीं डरते, जिन्हें रिस्क लेना पसंद है और वे ग्रोथ का फायदा उठाना चाहते हैं , उनके लिए NPS है। अगर लॉन्ग टर्म में मार्केट अच्छा परफॉर्म करता है, तो NPS का पैसा UPS की फिक्स पेंशन के मुकाबले ज्यादा होगा ।

NPS और UPS दोनों के ही अपने-अपने फायदे हैं।UPS सिक्योरिटी और मंथली फिक्स इनकम देता है,रही बात NPS आपको ज्यादा पैसा कमाने का मौका देता है।आपको अपनी उम्र और रिस्क लेने की कैपेसिटी को देखकर सही फैसला लेना चाहिए ।दोनों ही अपनी अपनी जगह पर अच्छे हैं, बस आपको अपनी जरूरत के हिसाब से सोच समझकर फैसला लेना चाहिए ।
