आज के समय में लोन हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है, आपको नी गाड़ी लेनी है , नया घर लेना है या किसी काम के लिए पैसों की बहुत जरूरत हो ,तब लोन की तरफ भागते हैं बैंक में होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन मिलते हैं, लेकिन बिना सोचे समझे अगर लोन लोगे तो बाद में आपका सिरदर्द बन सकता हैं ।
अगर आप भी लोन लेने की सोच रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें ताकि भविष्य में आपको कोई परेशानी न हो ।

1. सिबिल स्कोर जांच करें
बैंक के लिए आपका सिबिल स्कोर ही आपका पहचान है, अगर आपका 750 या उससे ऊपर सिबिल स्कोर है तो आपको बहुत कम ब्याज में लोन मिल जाएगा लेकिन आपका सिबिल स्कोर बहुत कम हैं, तो लोन रिजेक्ट हो जाएगा नहीं तो आपको बहुत ज्यादा ब्याज पर लोन मिलेगा

2.ब्याज देखे
सिर्फ एक बैंक में जाकर लोन मत ले । अलग अलग बैंक जाकर ब्याज देखे कौनसा बैंक सबसे कम ब्याज पर लोन देगा , जो बैंक सबसे कम ब्याज पर लोन दे रहा हैं उसी बैंक से लोन लेना हैं
3. चार्जेस
लोन लेते समय लोग ब्याज पर ध्यान देते हैं लेकिन जो छुपा हुआ चार्ज हैं, उस पर ज्यादातर लोग बात नहीं करते या बहुत लोगों को पता ही नहीं चलता ।

प्रोसेसिंग फीस: ये फीस लोन प्रोसेस करते समय जो फीस लेते हैं वह आपको देखना है प्रोसेसिंग फीस कितना है।
प्रीपेमेंट चार्ज: अगर आप भविष्य में अपने लोन को टाइम से पहले क्लोज कर देते हैं तो बैंक कितना पैसा आपसे चार्ज के रूप में लेगा ।
लेट पेमेंट फीस: अगर आपका किसी कारण EMI लेट होता हैं तो उसपर लगने वाला चार्ज
4. EMI देख
लोन उतना ही लेना चाहिए । जिसका EMI आप आसानी से भर पाए । ताकि बाद में कोई परेशानी ना हो । वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार लोन का EMI क्रेडिट कार्ड की बिल इस सबको मिलकर आपकी मंथली सैलरी से 40% से ज्यादा नहीं होना चाहिए
अगर आप होम लोन लेने के लिए सोच रहे हैं तो प्रॉपर्टी की डॉक्यूमेंट बैंक से अच्छी तरीके से जांच करवा ले ताकि आप टैक्स की छूट का लाभ मिले ।
अगर आप कार लोन लेने की सोच रहे हैं तो कार की एक्स शोरूम की प्राइस पर लोन ले , कभी भी ऑन रोड प्राइस पर लोन ना ले ।
पर्सनल लोन हमेशा इमरजेंसी के टाइम में ही ले , इसका ब्याज सबसे ज्यादा होता है । कभी भी गाड़ी ,घर खरीदने के लिए पर्सनल लोन ना ले ।

5. रीपेमेंट
अगर आप ज्यादा समय के लिए लोन लोगे तो EMI कम होता है, लेकिन आपका ब्याज ज्यादा चला जाता है।
लेकिन आप कम समय के लिए लोन लेंगे तो EMI तो ज्यादा होगा लेकिन आपका ब्याज कम हो जाएगा । EMI ज्यादा होने के कारण आप लोन से जल्दी छुटकारा पाते हो l
आपका पेमेंट करने की क्षमता के ऊपर दोनों में से एक सोच समझकर चुन लेना ।

6. लोन इंश्योरेंस
लोन पर इंश्योरेंस लेना एक समझदारी का काम हैं। इंश्योरेंस लेने से लोन लेने के बाद आपके साथ कुछ हो जाए तो परिवार के ऊपर लोन का बोझ नहीं रहेगा इंश्योरेंस कंपनी बाकी का लोन चुका देते है।
लोन कोई फ्री का पैसा नहीं हैं , ये आपकी भविष्य की कमाई में नुकसान हैं। इसलिए आपकी जरूरतों को समझे । जब आप सोच-समझकर आगे बढ़ते हो ,तब टर्म्स एंड कंडीशंस को ठीक से पढ़ें और उसके बाद ही लोन के लिए आगे बढ़ें।

